सरफिरी

ये पंक्तियाँ किसी ने लिखी हैं, अच्छी लगी तो आप सब से शेयर कीं (Someone else’s lines which I liked so sharing with all):

टूट गया सरफिरी हवाओं का सारा ग़ुरूर…
एक दिया खुली छत पर रात भर जलता रहा…

मुकाम

किसी ने चंद बेहतरीन पंक्तियां कही हैं (Someone has recited following great lines):

मुकाम तो वो चाहिए, कि…
जिस दिन भी हार जाऊं,
जीत खुद आ कर कहे…
माफ़ करना मज़बूरी थी !

– Anonymous

Letter to Monsoon